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कुमाऊँ का  एक प्रसिद्ध होली गीत - बलमा घर आयो फागुन में। 

बलमा घर आयो फागुन में -2

जबसे पिया परदेश सिधारे,

आम लगावे बागन में, 

बलमा घर आयो फागुन में। 

चैत मास में वन फल पाके,

आम जी पाके सावन में, 

बलमा घर आयो फागुन में। 

गऊ को गोबर आंगन लिपायो,

आये पिया में हर्ष भई,

मंगल काज करावन में, 

बलमा घर आयो फागुन में। 

प्रिय बिन बसन रहे सब मैले,

चोली चादर भिजावन में, 

बलमा घर आयो फागुन में। 

भोजन पान बानये मन से,

लड्डू पेड़ा लावन में, 

बलमा घर आयो फागुन में। 

सुन्दर तेल फुलेल लगायो,

स्योनि श्रृंगार करावन में, 

बलमा घर आयो फागुन में। 

बसन आभूषण साज सजाये,

लागि रही पहिरावन में, 

बलमा घर आयो फागुन में। 

 

उत्तराखंड होली गीत :  सिद्धि को दाता, विघ्न विनाशन। 

कुमाऊंनी होली गीत : जल कैसे भरूँ जमुना गहरी। 

 

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