हैप्पी घुघुतिया त्योहार – बधाई सन्देश पोस्टर (2026)

हैप्पी घुघुतिया

हर वर्ष माघ संक्रांति के दिन उत्तराखंड के कुमाऊँ में एक ख़ास त्यौहार मनाया जाता है, जिसे लोग घुघुतिया या घुघुती त्यार (त्यौहार) के नाम से जानते हैं। इस दिन लोगों द्वारा आटे और गुड़ से बने एक ख़ास आकृति के पकवान बनाये जाते हैं जिन्हें घुघुते या घुघुत कहा जाता है। जिन्हें सर्वप्रथम सुबह कौओं को खिलाये जाते हैं। फिर इन घुघुतों की माला बनाकर बच्चे गले में धारण करते हैं। बच्चों द्वारा सुबह आवाज देकर कौओं को घुघुते खाने के लिए बुलाया जाता है। बच्चे कुछ इस प्रकार से कौओं को घुघुतिया पर्व के दिन बुलाते हैं – 

काले कौवा काले, घुघुति माला खा ले।
लै कौवा भात, मैंके  दे सुनक थात।
लै कौवा लगड़, मैंके दे भाईनक दगड़।
‘लै कौवा बौड़,  मैंके दे सुनौक घ्वड़। 

Kaale Kaua Kaale, Ghughuti Mala Kha Le

Happy ghughutiya
Happy Ghughuti Festival 2026 wishes

कुमाऊँ में घुघुतिया त्यौहार 

उत्तराखंड में घुघुतिया त्यौहार क्यों मनाया जाता है, इसके पीछे एक रोचक लोक कथा है। कहते हैं कुमाऊं के एक राजा के पुत्र को घुघते (जंगली कबूतर) से बेहद प्रेम था। राजकुमार का घुघते के लिए प्रेम देख एक कौवा चिढ़ता था। उधर, राजा का सेनापति राजकुमार की हत्या कर राजा की पूरी संपत्ति हड़पना चाहता था। इस मकसद से सेनापति ने एक दिन राजकुमार की हत्या की योजना बनाई। वह राजकुमार को एक जंगल में ले गया और पेड़ से बांध दिया।

ये सब उस कौवे ने देख लिया और उसे राजकुमार पर दया आ गई। इसके बाद कौवा तुरंत उस स्थान पर पहुंचा जहां रानी नहा रही थी। उसने रानी का हार उठाया और उस स्थान पर फेंक दिया जहां राजकुमार को बांधा गया था। रानी का हार खोजते-खोजते सेना वहां पहुंची जहां राजकुमार को बांधा था।राजकुमार की जान बच गई तो उसने अपने पिता से कौवे को सम्मानित करने की इच्छा जताई। कौवे से पूछा गया कि वह सम्मान में क्या चाहता है तो कौवे ने घुघते का मांस मांगा। इस पर राजकुमार ने कौवे से कहा कि तुम मेरे प्राण बचाकर किसी और अन्य प्राणि की हत्या करना चाहते हो यह गलत है।

राजकुमार ने कहा कि हम तुम्हें प्रतीक के रूप में मकर संक्रांति को अनाज से बने घुघते खिलाएंगे। कौवा राजकुमार की बात मान गया। इसके बाद राजा ने पूरे कुमाऊं में कौवों को दावत के लिए आमंत्रित किया। राज का फरमान कुमाऊं में पहुंचने में दो दिन लग गए। इसलिए यहां दो दिन घुघत्या का पर्व मनाया जाता है।

Happy Ghughutiya Festival Wishes 2026

Uttarakhand Folk Festival Ghughutiya, Uttrayani and Makar Sankranti Wishes in Hindi

उत्तराखंड के लोकपर्व घुघुतिया, उत्तरायणी, मकरैंणी के शुभकामना सन्देश हिंदी में-

घुघुतिया की हार्दिक शुभकामनाएँ! यह त्यौहार आपके जीवन में नई उमंग, खुशियाँ और समृद्धि लाए।

मकर संक्रांति (घुघुतिया) के इस शुभ अवसर पर आप और आपके परिवार को ढेर सारी बधाईयाँ।

आटे और गुड़ की मिठास घोले रिश्तों में प्यार, घुघुतिया की शुभकामनाएँ! आपका जीवन भी खुशियों से भरा रहे।” “काले कौआ काले घुघुतिया माला खा ले … बच्चों के इस प्यारे पर्व ‘घुघुतिया’ की आपको और आपके बच्चों को बहुत-बहुत बधाई!”

ghughutiya wishes
Happy Ghughutiya and Uttrayani Wishes in Hindi

आप सभी को सपरिवार लोकपर्व घुघुतिया, उत्तरैणी एवं मकर संक्रांति की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।

घुघुतिया त्यार (त्यौहार) एवं उत्तरायणी के बधाई सन्देश।
घुघुतिया त्यार (त्यौहार) एवं उत्तरायणी के बधाई सन्देश।
Happy Uttrayani, Ghughuti Tyar, Makranine and Makar Sankranti Wishes
Happy Uttrayani, Ghughuti Tyar, Makranine and Makar Sankranti Wishes

घुघुतिया / घुघूती त्यार के बधाई और शुभकामना सन्देश (happy ghughutiya wishes) भेजने के लिए आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। या और अधिक देखने के लिए इस लिंक पर जाएँ – घुघुतिया और उत्तरायणी के ख़ास शुभकामना सन्देश। 

Vinod Singh Gariya

ई-कुमाऊँ डॉट कॉम के फाउंडर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं। इस पोर्टल के माध्यम से वे आपको उत्तराखंड के देव-देवालयों, संस्कृति-सभ्यता, कला, संगीत, विभिन्न पर्यटक स्थल, ज्वलन्त मुद्दों, प्रमुख समाचार आदि से रूबरू कराते हैं।

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