जल कैसे भरूँ जमुना गहरी – Popular Kumaoni Holi Song

On: February 12, 2026 1:21 PM
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jal kaise bharu jamuna gehri holi

जल कैसे भरूँ जमुना गहरी… उत्तराखंड के कुमाऊँ अंचल में होली के दौरान गाया जाने वाला एक अत्यंत लोकप्रिय और मार्मिक होली गीत है, जो नारी संवेदना और सांस्कृतिक मूल्यों को अभिव्यक्त करता है। कुमाऊँ की होली केवल रंगों और उमंगों का पर्व नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक उत्सव है जिसमें लोकगीतों, रागों और भावनाओं की गूंज सुनाई देती है। इस क्षेत्र की होली में गाए जाने वाले गीतों में जहाँ एक ओर भक्ति का रंग होता है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक जीवन के विभिन्न पहलुओं की झलक भी मिलती है।

“जल कैसे भरूँजमुना गहरी…” जैसे गीत लोकसंस्कृति की उस विरासत को उजागर करते हैं, जो पीढ़ियों से लोकजीवन में रची-बसी है और आज भी लोगों के हृदय को छूती है। इस होली गीत के लिरिक्स इस प्रकार हैं –

Jal kaise bharu jamuna
Jal Kaise Bharu Holi Song

Jal Kaise Bharu Jamuna Gehri lyrics

जल कैसे भरूँ जमुना गहरी।
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी॥
ठाड़ी भरूँ राजा राम जी देखे,
हे ठाड़ी भरूँ राजा राम जी देखे।
बैठी भरूँ भीजे चुनरी…
जल कैसे भरू जमुना गहरी।
बैठी भरूँ भीजे चुनरी…
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी,
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी॥

धीरे चलूँ घर सास बुरी है,
हे धीरे चलू घर सास बुरी है।
धमकि चलूँ छलके गगरी….
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी,
धमकि चलूँ छलके गगरी….
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी।
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी॥

गोदी पर बालक, सिर पर गागर,
हे गोदी पर बालक, सिर पर गागर।
पर्वत से उतरी गोरी…
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी,
पर्वत से उतरी गोरी…
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी॥

Vinod Singh Gariya

ई-कुमाऊँ डॉट कॉम के फाउंडर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं। इस पोर्टल के माध्यम से वे आपको उत्तराखंड के देव-देवालयों, संस्कृति-सभ्यता, कला, संगीत, विभिन्न पर्यटक स्थल, ज्वलन्त मुद्दों, प्रमुख समाचार आदि से रूबरू कराते हैं।

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