Vinod Singh Gariya
विनोद सिंह गढ़िया इस वेब पोर्टल के फाउंडर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं। करीब 15 वर्षों से विभिन्न वेब पोर्टलों के माध्यम से वे आपको उत्तराखंड के देव-देवालयों, संस्कृति-सभ्यता, कला, संगीत, विभिन्न पर्यटक स्थल, ज्वलन्त मुद्दों, प्रमुख समाचार आदि से रूबरू कराते हैं।

परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण के लिए अनूठी पहल।

गंध यानी बास के लिए इतने सारे शब्द हैं कुमाऊंनी में।

पहाड़ी नथ-शुभता, मांगल्य, सुहाग का प्रतीक।

फूलदेई त्यौहार 2026 से जुड़े रोचक तथ्य और FAQs












