Vinod Singh Gariya
विनोद सिंह गढ़िया इस वेब पोर्टल के फाउंडर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं। करीब 15 वर्षों से विभिन्न वेब पोर्टलों के माध्यम से वे आपको उत्तराखंड के देव-देवालयों, संस्कृति-सभ्यता, कला, संगीत, विभिन्न पर्यटक स्थल, ज्वलन्त मुद्दों, प्रमुख समाचार आदि से रूबरू कराते हैं।

कुमाऊं की बैठ होली-250 साल पुराना इतिहास

बुरांश का फूल और उसके औषधीय महत्व | Buransh Flower

स्वर्ग तारा जुन्याली रात के बोल एवं हिंदी में भावार्थ।

इगास बग्वाल और बूढ़ी दिवाली की अनूठी परम्परायें।

Bhat Ke Dubke: स्वादिष्ट भट के डुबके के फायदे अनेक।

ऐपण (Aipan) का इतिहास, वैज्ञानिक आधार और महत्व।

कीड़ाजड़ी-ताकत का खजाना है यह सोने से महँगी जड़ी।









