Chirpat Kot Temple - चिरपतकोट धाम | धार्मिक और साहसिक पर्यटन की अपार सम्भावनायें।


Chirpatkot- Shri Guru Gunsai Dev, Bhagwati Mata Temple

उत्तराखण्ड - बागेश्वर जनपद स्थित कपकोट तहसील के चिरपतकोट की सुरम्य पहाड़ी में श्री श्री 1008 गुरु गोरखनाथ गुंसाई देव एवं माता भगवती का भव्य मंदिर है। यह स्थल अत्यधिक ऊंचाई पर होने के कारण यहाँ से हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं के साक्षात दर्शन होते हैं। यहाँ से अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नेपाल की गगनचुंबी पहाड़ियां दृष्टिगोचर होती हैं। इसके अलावा जीवनदायिनी माँ सरयू और उसके तट पर बसे कपकोट, ऐठाण, भयूँ, फुलवाड़ी, दुलम आदि गांवों के मनोहारी दृश्य नजर आते हैं। इसीलिए लोग यहाँ देव दर्शन के अलावा प्रकृति के दीदार करने के लिए आते हैं। साहसिक पर्यटन प्रेमी भी इस गगनचुम्बी पहाड़ी तक पहुँचने के लिए लालायित रहते हैं। यदि इस क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन और साहसिक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाय तो उत्तराखण्ड के प्रमुख पर्यटक स्थलों में अपना स्थान बना सकता है। इसके साथ-साथ क्षेत्र में लोगों के रोजगार में भी इजाफा हो सकता है। 

View From ChirpatKot
चिरपतकोट में जन सहयोग से गुंसाई देव, भगवती माता एवं बाण देवता के भव्य भवनों का निर्माण किया गया है। भक्तों के रहने के लिए यहाँ धर्मशालाओं का निर्माण भी जन सहयोग से पूर्ण  हुआ है। यहाँ समय-समय पर लोग भागवत कथा, सत्यनारायण कथा, दुर्गा सप्तमी-अष्टमी पाठ आदि धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन करते हैं। 

हाल ही में यहाँ विद्युत विभाग द्वारा बिजली की लाइन बिछाई गई है और जिला पंचायत बागेश्वर द्वारा पैदल चलने हेतु खडंचे का निर्माण किया गया है। पेयजल हेतु यहाँ पानी की पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। कपकोट तहसील मुख्यालय से मंदिर की दूरी करीब 7 किलोमीटर है जिसे श्रद्धालुओं को पैदल तय करनी पड़ती है। जो अत्यधिक दुर्गम और खड़ी चढ़ाई है। तहसील के पोथिंग गांव से चिरपतकोट पहुँचने के लिए सुगम मार्ग है। कपकोट से पोथिंग भगवती मंदिर होते हुए उच्छात तक गाड़ी द्वारा पहुंचा जाता है। यहाँ से सीधे मंदिर के लिए सुगम मार्ग है। यहीं से अधिकतर लोग मंदिर तक पहुँचते हैं।  

चिरपतकोट से कपकोट का विहंगम दृश्य। 


Comments

Popular posts from this blog

Phooldei फूलदेई- उत्तराखंड का एक लोकपर्व।

Kashil Dev | कपकोट और काशिल देव।