त्रियुगीनारायण: जानिए क्यों यह जगह बनती जा रही है परफेक्ट वेडिंग डेस्टिनेशन!

On: November 3, 2025 5:07 PM
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त्रियुगीनारायण

जब बात शादी की आती है, तो हर कोई चाहता है कि वह दिन खास, यादगार और कुछ हटकर हो। आजकल डेस्टिनेशन वेडिंग का चलन जोरों पर है, लेकिन क्या आपने कभी हिमालय की गोद में बसे एक ऐसे पवित्र स्थान में शादी करने की कल्पना की है जहाँ खुद भगवान शिव और माता पार्वती ने सात फेरे लिए थे?

अगर नहीं, तो आपको जानना चाहिए त्रियुगीनारायण के बारे में – उत्तराखंड का वह दिव्य स्थान, जो अब बन रहा है वेडिंग डेस्टिनेशन का नया हॉटस्पॉट।

त्रियुगीनारायण: मान्यताओं से भरी पवित्र भूमि

त्रियुगीनारायण गाँव, रुद्रप्रयाग ज़िले में स्थित एक छोटा सा लेकिन अत्यंत पवित्र स्थान है। यहाँ का मुख्य आकर्षण है त्रियुगीनारायण मंदिर, जहाँ मान्यता है कि भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह स्वयं भगवान विष्णु की उपस्थिति में संपन्न हुआ था। मंदिर में आज भी एक अखंड धूनी (पवित्र अग्नि) जलती रहती है – यही अग्नि उनके विवाह की साक्षी मानी जाती है। कहा जाता है यहाँ विवाह करने से जीवनसाथियों को शिव-पार्वती जैसा अटूट प्रेम और साथ मिलता है।

त्रियुगीनारायण मंदिर की वास्तुकला केदारनाथ मंदिर जैसी है, और यहाँ के रुद्र कुण्ड, विष्णु कुण्ड और ब्रह्म कुण्ड भी देखने योग्य हैं। वेदों में उल्लेख है कि यह त्रियुगीनारायण मंदिर त्रेतायुग से स्थापित है। जबकि केदारनाथ व बदरीनाथ द्वापरयुग में स्थापित हुए। यह भी मान्यता है कि इस स्थान पर विष्णु भगवान ने वामन देवता का अवतार लिया था।

क्यों चुनें त्रियुगीनारायण को अपनी डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए?

1. आध्यात्मिकता + प्रकृति = डिवाइन वेडिंग

यहाँ विवाह सिर्फ एक रस्म नहीं, एक आध्यात्मिक यात्रा होती है। पवित्र अग्नि के सामने फेरे लेना और शिव-पार्वती के चरणों में जीवन की नई शुरुआत करना – इससे पावन और क्या हो सकता है?

2. प्राकृतिक सौंदर्य

चारों ओर बर्फ से ढके पहाड़, घने जंगल, और शांत वातावरण इस स्थान को अलौकिक बनाते हैं। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए यह स्थान एक आदर्श लोकेशन है।

3. गवर्नमेंट सपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर

उत्तराखंड सरकार ने इस स्थान को डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए विकसित किया है। अब यहाँ गेस्ट हाउस, स्थानीय पंडित, डेकोरेशन और लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था भी सुचारु हो चुकी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई जगह बेस्ट वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए उत्तराखंड की ब्रांडिंग कर चुके हैं। जिसका असर भी साफ दिखने लगा है। यहाँ त्रियुगीनारायण में देश-विदेश के लोग डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पहुँच रहे हैं।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है उत्तराखंड सरकार अपने यहाँ डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता दे रही है। देवभूमि उत्तराखंड आपके स्वागत के लिए तैयार है।

4. बजट-फ्रेंडली विकल्प

देश के अन्य प्रदेशों की महंगी डेस्टिनेशन वेडिंग के मुकाबले त्रियुगीनारायण आपको एक कम बजट में ज्यादा दिव्यता और सुंदरता देता है। वहीं विदेशों में करोड़ों खर्च करने के बाद यही हमारा रुपया हमारे देश के खिलाफ वह देश करता है। जिसका ताजा उदाहरण ऑपरेशन सिंदूर है।

5. गढ़वाली और कुमाऊंनी संस्कृति

यदि आप चाहते हैं कि शादी कुछ नए ढंग से हो तो यह आपके लिए बेहतर स्थान हो सकता है। गढ़वाली और कुमाऊंनी सगुन गीतों के साथ, पारम्परिक ढोल-दमौं की धुन पर, यहाँ के वैदिक मंत्रोच्चार एवं रीति-रिवाजों के साथ साथ सात फेरे ले सकते हैं। जो आपको आध्यात्मिकता के साथ यहाँ की संस्कृति से जुड़ने का सौभाग्य प्रदान करता है।

कैसे पहुँचे त्रियुगीनारायण?

  1. नज़दीकी हवाई अड्डा: जॉली ग्रांट, देहरादून (240 किमी)
  2. रेलवे स्टेशन: ऋषिकेश/हरिद्वार
  3. सड़क मार्ग: सोनप्रयाग से 5 किमी दूर; वहाँ से टैक्सी या पैदल मार्ग

 

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Triyuginarayan Temple Route

टिप्स फॉर कपल्स

  • शादी की तारीख पहले से तय करें, ताकि बुकिंग समय पर हो सके।
  • मॉनसून के समय यात्रा से बचें – मार्च से जून और अक्टूबर से दिसंबर बेहतरीन समय है।
  • लोकल वेडिंग प्लानर की मदद लें, जो वहाँ की परंपराओं को जानते हों।

निष्कर्ष: सपनों की शादी, अब वास्तविकता में

अगर आप भी अपने विवाह को सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव बनाना चाहते हैं, तो त्रियुगीनारायण आपकी प्रतीक्षा कर रहा है। यहाँ की शांतता, पवित्रता और नैसर्गिक सौंदर्य आपके रिश्ते की मजबूत नींव रखने में मदद करेंगे।

Vinod Singh Gariya

ई-कुमाऊँ डॉट कॉम के फाउंडर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं। इस पोर्टल के माध्यम से वे आपको उत्तराखंड के देव-देवालयों, संस्कृति-सभ्यता, कला, संगीत, विभिन्न पर्यटक स्थल, ज्वलन्त मुद्दों, प्रमुख समाचार आदि से रूबरू कराते हैं।

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