Lyrics- Ho Janm Dubara To Bharat Vatan Mile | हो जन्म दुबारा तो भारत वतन मिले, फिर से वही हिमालय गंगो चमन मिले।



हो जन्म दुबारा तो भारत वतन मिले,
हो जन्म दुबारा तो भारत वतन मिले,
फिर से वही हिमालय गंगो चमन मिले।
है धूल इसकी चंदन अमृत है इसका जल,
है सरसती हवाओं से झूमती फसल। 
हो जन्म दुबारा तो भारत वतन मिले,
फिर से वही हिमालय गंगो चमन मिले।
 
ममता भरी ये गोदी फिर से नसीब हो,
धरती मिले यही और यही गगन मिले। 
इतिहास का हो गौरव वो आन-बान हो,
बलिदान की प्रथाएं रण का विधान हो।  
हो जन्म दुबारा तो भारत वतन मिले,
फिर से वही हिमालय गंगो चमन मिले।

क्षण भर झुके ना शीश चाहे टूटकर गिरे,
राणा-शिवा का तेवर बांकपन मिले। 
सौभाग्य देशहित हो फिर प्राणों का हवन, 
अंतिम समय मगर पर जय हिंद हो वचन।  
हो जन्म दुबारा तो भारत वतन मिले,
फिर से वही हिमालय गंगो चमन मिले।

होकर शहीद इस पर हमारे शरीर को,  
फिर तीन रंगों वाला हमको कफन मिले। 
हो जन्म दोबारा तो भारत वतन मिले, 
फिर से वही हिमालय गंगो चमन मिले।  

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हिमालय की गोद में बसे उत्तराखण्ड के सुदूरवर्ती गांव के एक छोटे से विद्यालय की यह वीडियो आजकल हर किसी से वाहवाही बटोर रही है। बेजोड़ स्वर, कमाल की लयबद्धता एवं प्रेरणीय अनुशासन के साथ गाये इस देशभक्ति गीत को सुनकर हर कोई मंत्रमुग्ध है। 
हिमालय की तलहटी पर बसे राजकीय इंटर कॉलेज डोर (मुनस्यारी) जिला-पिथौरागढ़, उत्तराखण्ड में सुबह होने वाली प्रार्थना में यहाँ के छात्र-छात्राओं द्वारा इस देश भक्ति गीत को गाया है। बेजोड़ स्वर, कमाल की लयबद्धता एवम प्रेरणीय अनुशासन का बेमिसाल उदाहरण प्रस्तुत करते इस वीडियो ने सभी को मंत्रमुग्ध किया है। हर कोई स्कूल के बच्चों और गुरुजनों के अनुशासन की प्रसंशा कर रहा है। 

यह वीडियो ट्रेलर मात्र है। वास्तव में यहाँ के स्कूलों में जो अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाता है, उत्तम दर्जे की शिक्षा के साथ-साथ देश प्रेम की भावना जगाई जाती है, वो हर उत्तराखण्ड वासी पर साफ देखा जा सकता है। 
इस बेहतरीन देशभक्ति गीत के साथ जिस स्कूल की शुरुवात हो वहां स्वतः ही पढ़ाई का माहौल बन जाता है। 
आप भी सुनिए इस गीत को और अपने स्कूल के दिनों को याद करें।