जल कैसे भरूं जमुना गहरी | Jal Kaise Bharu Jamuna Gehri lyrics

On: February 17, 2026 3:03 PM
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Jal Kaise Bharu Jamuna Gehri lyrics

Jal Kaise Bharu Jamuna Gehri lyrics


जल कैसे भरूँ जमुना गहरी।
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी॥

ठाड़ी भरूँ राजा राम जी देखे,
हे ठाड़ी भरूँ राजा राम जी देखे।
बैठी भरूँ भीजे चुनरी…
जल कैसे भरू जमुना गहरी।

बैठी भरूँ भीजे चुनरी…
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी,
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी॥

धीरे चलूँ घर सास बुरी है,
हे धीरे चलू घर सास बुरी है।
धमकि चलूँ छलके गगरी….
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी,

धमकि चलूँ छलके गगरी….
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी।
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी॥

गोदी पर बालक, सिर पर गागर,
हे गोदी पर बालक, सिर पर गागर।
पर्वत से उतरी गोरी…
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी,

पर्वत से उतरी गोरी…
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी
जल कैसे भरूँ जमुना गहरी॥

Jal kaise bharu jamuna
जल कैसे भरूं जमुना गहरी
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Vinod Singh Gariya

ई-कुमाऊँ डॉट कॉम के फाउंडर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं। इस पोर्टल के माध्यम से वे आपको उत्तराखंड के देव-देवालयों, संस्कृति-सभ्यता, कला, संगीत, विभिन्न पर्यटक स्थल, ज्वलन्त मुद्दों, प्रमुख समाचार आदि से रूबरू कराते हैं।

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