उत्तराखंड में 19 शिक्षकों को मिलेगा शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार 2025

उत्तराखंड सरकार द्वारा शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार 2025-26 के लिए 19 शिक्षकों का चयन किया है। जिन्हें वर्ष 2026 में शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जायेगा। जानें किन-किन जिलों के शिक्षकों को मिलेगा यह पुरस्कार। पूरा विवरण यहाँ पढ़ें -

शैलेश मटियानी पुरस्कार 2026

HIGHLIGHTS

  • शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार 2025-26 - इस वर्ष कुल 19 शिक्षकों को मिलेगा।
  • प्राथमिक शिक्षा में 12 शिक्षकों को मिलेगा यह पुरस्कार।
  • माध्यमिक शिक्षा में 6 शिक्षकों को मिलेगा यह पुरस्कार।
  • प्रशिक्षण संस्थान के एक शिक्षक को मिलेगा यह राज्य पुरस्कार।

उत्तराखंड के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, नवाचार और उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रदान जाने वाले सम्मान “शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार-2025” की घोषणा हो गई है। जिसमें राज्य के 19 शिक्षकों को यह पुरस्कार आगामी शिक्षक दिवस यानी 5 सितम्बर 2026 को राज्यपाल द्वारा प्रदान किया जायेगा।

शिक्षा विभाग द्वारा जारी कार्यालय ज्ञाप के अनुसार शैलेश मटियानी पुरस्कार 2025-26 के लिए विभिन्न जनपदों के प्राथमिक शिक्षा श्रेणी में 12, माध्यमिक शिक्षा श्रेणी में 6 और प्रशिक्षण संस्थान श्रेणी में 1 शिक्षक शामिल हैं।

उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के उन्नयन एवं गुणात्मक सुधार हेतु उत्कृष्ट कार्य करने वाले निम्नलिखित कुल 19 शिक्षकों को “शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार–2025” प्रदान जायेगा।

शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार 2025-26 प्राप्त करने वाले शिक्षकों की सूची –

प्राथमिक शिक्षा—

क्र.सं. | जनपद | अध्यापक का नाम व पद | विद्यालय का नाम

  1. पौड़ी गढ़वाल – श्री विष्णुपाल सिंह नेगी, प्रधानाध्यापक – रा0प्रा0वि0 कोटड़ी, रिखणीखाल, पौड़ी गढ़वाल।
  2. चमोली – श्री लखपत सिंह रावत, सहायक अध्यापक – रा0क0ज0हा0 चोपता, नारायणबगड़, चमोली।
  3. उत्तरकाशी – श्री पृथ्वी सिंह रावत, प्रधानाध्यापक – रा0आ0प्रा0वि0 उदकोटी, पुरोला, उत्तरकाशी।
  4. देहरादून – श्री वीरेन्द्र सिंह रावत, सहायक अध्यापक – रा0पू0मा0वि0 कण्डोली अपर, देहरादून।
  5. हरिद्वार – श्री रोबिन कुमार, प्रधानाध्यापक – रा0प्रा0वि0 गोपालपुर हरिद्वार।
  6. टिहरी गढ़वाल – श्री महेश्वर प्रसाद सेमवाल, सहायक अध्यापक – रा0उ0प्रा0वि0 बहेंड़ी भिलंगना, टिहरी गढ़वाल।
  7. रुद्रप्रयाग – श्री शशिकांत नौटियाल, सहायक अध्यापक – रा0प्रा0वि0 बोहैंक, अगस्त्यमुनि, रुद्रप्रयाग।
  8. चम्पावत – श्री जहीर अब्बास, सहायक अध्यापक – रा0प्रा0वि0 चौड़ाकोट, चम्पावत।
  9. उधमसिंहनगर – श्री नौ सिंह, सहायक अध्यापक – रा0प्रा0वि0 सरवरखेड़ा द्वितीय जसपुर, उधमसिंहनगर।
  10. नैनीताल – डॉ0 श्वेता ममगाईं, सहायक अध्यापिका – रा0उ0प्रा0वि0 विजयपुर, कोटाबाग, नैनीताल।
  11. पिथौरागढ़ – श्री विक्रम सिंह परिहार, सहायक अध्यापक – रा0उ0प्रा0वि0 मदकोट, पिथौरागढ़।
  12. अल्मोड़ा – श्री त्रिलोक सिंह अधिकारी, सहायक अध्यापक – रा0जु0हा0 गवाड़, धारानौल, अल्मोड़ा।

माध्यमिक शिक्षा—

क्र.सं. | जनपद | अध्यापक का नाम व पद | विद्यालय का नाम

  1. पौड़ी गढ़वाल – श्री नरेन्द्र सिंह नेगी, प्रवक्ता – रा0इ0का0 जगतेश्वर पब्लिक, पौड़ी गढ़वाल।
  2. चमोली – डॉ0 सुमन ध्यानी शर्मा, प्रवक्ता – रा0बा0इ0का0 गौचर, चमोली।
  3. देहरादून – डॉ0 अतुल कुमार श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य – रा0इ0का0 भगवानपुर धारकोट, देहरादून।
  4. हरिद्वार – श्रीमती कमलेश पंवार, प्रधानाचार्य – रा0बा0इ0का0 गुलाबशाहपुर, हरिद्वार।
  5. चम्पावत – श्री नवीन चन्द्र पन्त, सहायक अध्यापक – रा0उ0मा0वि0 पल्स , चम्पावत।
  6. नैनीताल – श्री विशन सिंह मेहता, प्रधानाचार्य – भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय, नैनीताल।

प्रशिक्षण संस्थान—

क्र.सं. | जनपद | अध्यापक का नाम व पद | विद्यालय का नाम

  1. उत्तरकाशी – डॉ0 सुभोध सिंह बिष्ट, प्रवक्ता – जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, बड़कोट, उत्तरकाशी।

उत्तराखंड सरकार द्वारा शैलेश मटियानी पुरस्कार देने की शुरुआत वर्ष 2009 में की गई थी, जिसका प्रमुख उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, नवाचार और उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करना है। यह पुरस्कार प्रसिद्ध हिंदी लेखक शैलेश मटियानी की स्मृति में दिया जाता है, जो मुख्य रूप से आगामी वर्ष में शिक्षक दिवस यानी 5 सितंबर के दिन राज्यपाल द्वारा प्रदान किया जाता है।

इस पुरस्कार को पाने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, नगद धनराशि और दो वर्ष का सेवा विस्तार (वैकल्पिक) दिया जाता है।

उल्लेखनीय है शैलेश मटियानी पहाड़ के दर्द और संवेदनाओं को गहराई से समझने वाले एक कथाकार थे। उन्होंने कथा-साहित्य के साथ-साथ गद्य और सामयिक चिंतन में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने अपनी कहानियों और उपन्यासों में उत्तराखण्ड के पर्वतीय इलाकों और ग्रामीणों के संघर्ष को शब्दों के माध्यम से पिरोया।

Vinod Singh Gariya

ई-कुमाऊँ डॉट कॉम के फाउंडर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं। इस पोर्टल के माध्यम से वे आपको उत्तराखंड के देव-देवालयों, संस्कृति-सभ्यता, कला, संगीत, विभिन्न पर्यटक स्थल, ज्वलन्त मुद्दों, प्रमुख समाचार आदि से रूबरू कराते हैं।

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