Vinod Singh Gariya
विनोद सिंह गढ़िया इस वेब पोर्टल के फाउंडर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं। करीब 15 वर्षों से विभिन्न वेब पोर्टलों के माध्यम से वे आपको उत्तराखंड के देव-देवालयों, संस्कृति-सभ्यता, कला, संगीत, विभिन्न पर्यटक स्थल, ज्वलन्त मुद्दों, प्रमुख समाचार आदि से रूबरू कराते हैं।

उत्तराखंड मेरी मातृभूमि गीत के लिरिक्स और भावार्थ।

चम चमकी घाम कान्ठियु | Cham Chamki Gham Lyrics

Lyrics-Ghughuti Na Basa | घुघुती ना बासा, आम कि डाई मा।

Lyrics- Bedu Pako Baramasa | बेडू पाको बारामासा गीत और उसके बोल।

उत्तराखण्ड राज्य गीत के बोल-उत्तराखण्ड देवभूमि-मातृभूमि।

घिंगारू ‘हिमालयन-फायर-थोर्न’ के उपयोग और फायदे। Ghingaru

कुमाऊंनी होली गीत – बुरूंशी का फूल को कुमकुम मारो









