उत्तराखण्ड के पर्वतीय अंचल में श्रावण माह की संक्रांति को एक खास पर्व बड़े हर्षोल्लाष और धूमधाम के साथ मनाया जाता है, जिसे यहाँ के लोग ‘हरेला त्यौहार‘ के नाम से जानते हैं। इस सुरम्य प्रदेश के कुमाऊँ अंचल में हरेला त्यौहार की तैयारियां नौ दिन पूर्व हरेले की बुवाई के साथ हो जाती है। रिंगाल के छोटे टोकरियों में सात प्रकार के अनाज गेहूं, जौ, मक्का, चना, तिल, गहत और सरसों की बुवाई करते हैं। घर में बने मंदिर के पास ही इस टोकरी को रखा जाता है और नित्य सुबह-शाम पूजा के समय इसकी सिंचाई की जाती है। ये सात प्रकार के अनाज अंकुरित होकर बड़े होने लगते हैं। इनका रंग हल्का हरा और पीले रंग का होता है। इसी को लोग हरेला कहते हैं। ९वें दिन हरेले की गुड़ाई और १०वें दिन इसे पतीसा जाता है यानि कटाई की जाती है और घर की वरिष्ठ महिला द्वारा परिवार के सभी जनों को हरेला शिरोधार्य ” जी रया, जागि रया। यो दिन, यो महैंण कैं नित-नित भ्यटनैं रया।” शुभाशीष के साथ किया जाता है। जो विस्तृत में इस प्रकार है –
जी रया, जागि रया,
यो दिन, यो महैंण कैं नित-नित भ्यटनै रया।
दुब जस पगुर जया,
धरती जस चाकव, आकाश जस उच्च है जया।
स्यूं जस तराण ऐ जौ, स्याव जसि बुद्धि है जौ, ।
हिमालय में ह्यू छन तक,
गंगा में पाणी छन तक,
जी रया, जागि रया।
भावार्थ : तुम जीते रहो और जागरूक बने रहो, हरेले का यह दिन आपके जीवन में बार -बार आता रहे, आपका परिवार दूब की तरह पनपता रहे, धरती जैसा विस्तार मिले, आकाश की तरह उच्चता प्राप्त हो, सिंह जैसी ताकत और सियार जैसी बुद्धि मिले, हिमालय में हिम रहने और गंगा में पानी बहने तक इस संसार में तुम बने रहो।
इन शुभ वचनों से लोग अपने बड़ों से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और अपनों को सुख-समृद्धि की शुभकामनाएं देते हैं। अगर आप भी प्रकृति के इस पवित्र पर्व पर अपने प्रियजनों यथा मित्रों, रिश्तेदारों और परिवार वालों को बधाई देना चाहते हैं, तो यहाँ हैं आपके लिए बेहतरीन Harela Wishes, Quotes, Status और Images जिन्हें आप WhatsApp, Facebook, X (Twitter) और Instagram पर शेयर कर सकते हैं।

Happy Harela Festival Wishes (हरेला की शुभकामनाएं)
- “प्रकृति प्रेम और हरियाली को समर्पित उत्तराखंड के लोकपर्व ‘हरेला’ की आप सभी को सपरिवार हार्दिक बधाई! ऋतुओं का यह त्यौहार आपके जीवन में सुख, समृद्धि और अपार खुशियां लाए।”
- आपको सपरिवार हरेला की ढेरों बधाई और शुभकामनाएँ। यह पावन पर्व आपके जीवन में खुशहाली लाये।
- “उत्तराखंड की भूमि में हरियाली छाए, हरेला का यह पर्व आपके जीवन में खुशियां लाए। हैप्पी हरेला!“
- “प्रकृति का आशीर्वाद बना रहे, हर घर में सुख-समृद्धि का वास रहे। उत्तराखंड के लोक पर्व हरेला की आप सभी को ढेरों बधाई!”
- “हरेला हमें प्रकृति से जुड़ना सिखाता है। आइए इस शुभ अवसर पर हम सब मिलकर एक पेड़ अवश्य लगाएं। हैप्पी हरेला!”
- “जैसे हरेले की कोपलें नई ऊर्जा का संदेश देती हैं, वैसे ही आपका जीवन भी नई उम्मीदों और सफलताओं से भर जाए। शुभ हरेला!”
- “प्रकृति का सम्मान करें, हरियाली को अपनाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित व सुंदर भविष्य बनाएं। हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।”
Harela Status for WhatsApp & Facebook
यदि आप अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट या स्टेटस लगाने के लिए Harela Festival के छोटे और प्ररेणादायक संदेश ढूंढ रहे हैं, तो नीचे की गई पंक्तियों का निःसंकोच उपयोग कर सकते हैं –
- “Ji Raya Jagi Raya, Tishtiya Panapiya हरेला त्यार की हार्दिक शुभकामनाएं!”
- “चलो आज धरती को हरा-भरा बनाएं, पर्यावरण को बचाएं। आप सभी को हरेला पर्व 2026 की बधाई!”
- “हरियाली, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक हरेला पर्व आपके जीवन में नई ऊर्जा लेकर आए। शुभ हरेला!”
- “पेड़ लगाएं, प्रकृति बचाएं और हरेला पर्व को सार्थक बनाएं।”
- “हर घर हरियाली, हर मन खुशहाली। हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।”
- “धरती की मुस्कान है हरियाली, आइए हरेला पर प्रकृति का सम्मान करें।”
- “हरेला का संदेश—प्रकृति से प्रेम करें और पर्यावरण की रक्षा करें।”
- “हिटो डाव-बोट लगूनों, धरती में हर्याव फैलूनों!”

Harela Traditional & Cultural Wishes
- “तुमि जी रया, जागि रया। तुमन कैं हरेला पर्व कि भौत-भौत बधाई और शुभकामनाएं! माँ नंदा, माँ पार्वती, गणेश और भगवान शिव ज्यू की कृपा ले तुमर जीवन में हरियाली, सुख-समृद्धि और भली फसल बनी रौ, बची रौ।”
- “हरयाव यानी हरियाली, खुशहाली और नई जीवन क प्रतीक! यो त्यार तुमर और तुमर परिवार क लिजी नई उम्मीद और तरक्की ली बेर आओ । Happy Harela 2026!”
हरेला का संदेश : आज एक पेड़ अवश्य लगायें!
उत्तराखंड में हरेले के दिन पौधारोपण करना अनिवार्य है। मान्यता है किसी पेड़ की शाखा को तोड़कर हरेले के दिन रोपा जाए तो उस शाखा से नये पेड़ का जन्म हो जाता है। होता भी ऐसा ही है। जिस पेड़ की पौध तैयार करना मुश्किल होता है, लोग उस पेड़ की शाखाएं तोड़कर हरेले के दिन गीली मिट्टी या नमी वाले स्थानों में रोप देते हैं। जिनसे नए कोपलें निकल आती हैं। जो बाद में एक वृक्ष का रूप लेता है।
हरेला पर्व पर उत्तराखण्ड वासियों द्वारा वृहद रूप से पेड़ों को लगाया जाता है। लोग अपने-अपने घरों के आसपास, खेतों, खाली जमीन पर छोटे पेड़ों का रोपण करते हैं। हरेला पर्व को सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं भी बड़े हर्षोल्लाष के साथ मनाने लगे हैं। जिसमें लोगों को पेड़ वितरित करने के साथ-साथ इनका रोपण भी किया जाता है।
आईये हरेला त्यौहार 2026 के इस पुनीत अवसर पर अपने आसपास पौधारोपण कर उन्हें बड़े वृक्षों का आकार लेने तक उनकी देखभाल करने का संकल्प दें। यही हरेला की परंपरा है। हैप्पी हरेला आपको और आपके परिवार के सभी लोगों को।











