Showing posts from September, 2020

Bageshwar Administrative History बागेश्वर- कल और आज का प्रशासनिक इतिहास।

सरयू एवं गोमती नदी के संगम पर स्थित बागेश्वर मूलतः एक ठेठ पहाड़ी कस्बा है। परगना दानपुर के 473, खरही के 66, कमस्यार के 166, पुँगराऊ के 87 गा...

गर्जिया देवी- गिरिराज हिमालय की पुत्री होने के कारण ही इन्हें इस नाम से पुकारा जाता है।

गर्जिया देवी मन्दिर या 'गिरिजा देवी मन्दिर' उत्तराखण्ड के  रामनगर Table of Contents /span> गर्जिया देवी मन्दिर या &...

कुमाऊं के लोकपर्व 'खतडुवा' की ऐतिहासिक विवेचना।

🔥"अमरकोश पढ़ी, इतिहास पन्ना        पलटीं,खतड़सिंग नि मिल"🔥   'कुमाऊं का स्वच्छता अभियान से जुड़ा 'खतडुवा' पर्व वर्षाकाल...

विश्व पटल पर छा रही है ''पिछौड़ी वूमेन" मंजू टम्टा जी द्वारा डिजाइन की गई कुमाऊं की रंगीली पिछौड़ी।

लेख -  अशोक जोशी हमारा पहाड़ आज जिन कठोर संघर्षों के साथ जिस श्रेष्ठ मुकाम पर खड़ा है, वह हमारे लिए अत्यंत गौरवपूर्ण है। किंतु पहाड़ के इस व...

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