Showing posts from May, 2020

दशौर - गंगा दशहरा द्वार पत्र लगाने की विशिष्ट एक परम्परा।

Shri Ganga Dussehra Dwar Patra सृष्टि के निर्माता ब्रह्मा जी के कमंडल से राजा भागीरथ द्वारा देवी गंगा के धरती पर अवतरण दिवस को 'गंगा द...

लोकवाद्य कला को सहेज रहे हैं मंगल दा और उनका परिवार।

कभी बारातों, लोकगीतों व मेलों की शान, पहाड़ की संस्कृति का अहम हिस्सा बीनबाजा यानि मशकबीन अब अतीत का हिस्सा बनते जा रहा है। अब पहाड़ी लोक वा...

Nanda Kund (नंदा कुंड) - प्रकृति की एक अनमोल धरोहर।

आईये आपको रूबरू कराते हैं नंदाकुंड से, जिसे स्थानीय लोग देवीकुंड के नाम से भी जानते हैं। बागेश्वर जनपद मुख्यालय से 161 किलोमीटर दूर विश...

उत्तराखण्ड में भी है माता वैष्णो मंदिर | Dunagiri Temple Dwarahat, Uttarakhand

उत्तराखण्ड यानि देवभूमि के द्वाराहाट में स्थित माँ दूनागिरी का भव्य मन्दिर अपार आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। यहाँ माँ दूनागिरी वैष्णवी रूप...

Dhouli Nag धौलीनाग देवता- हर समस्या के समाधान के लिए इन्हें पुकारा जाता है।

धौलीनाग मंदिर- खन्तोली गांव (विजयपुर कांडा)  | Photo Shri Manoj Bhatt सोते समय माँ को कहते सुना जाता है - ईजा पड़ जा धौलीनाग ज्यू ना...

Ghughuti Basuti E-Book- घुघूति बासूति ई-बुक बच्चों के लिए एक अनमोल उपहार।

Cover Page : Ghughuti Basuti 1 अगर कोई मुझे पूछे कि बच्चों के गीतों और प्रौढ़ों की कविताओं में क्या अंतर होता है तो मैं कहूंगा, वही जो कि...

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