आज भारत राममय है। हर तरफ भगवान् श्रीराम के नाम की गूंज है। अयोध्या में भगवान अपने जन्मभूमि में अपने नए धाम में करीब 500 वर्ष बाद पुनः पर विराजित हो चुके हैं। यहाँ प्राण प्रतिष्ठा के दौरान श्री राम जी की आराधना के लिए गाया जाने वाले भजन ‘रघुपति राघव राजाराम, रघुपति राघव राजाराम’ से पूरा क्षेत्र गुंजायमान था। राम जी की आराधना के लिए गाया जाने वाला यह भजन इतना लोकप्रिय है कि इसे विभिन्न लोगों ने अपने तरीके से गाया है।
रघुपति राघव राजाराम भजन श्री लक्ष्मणाचार्य द्वारा रचित श्री नम: रामायणम् का एक अंश है लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने इस भजन में अपने तरीके से अपने लिरिक्स जोड़कर गाया, जो अधिक प्रसिद्ध हुआ। ‘रघुपति राघव राजाराम’ Original lyrics of Raghupati Raghav भजन के मूल लिरिक्स इस प्रकार हैं –
Raghupati Raghav Raja Ram Original Lyrics
रघुपति राघव राजाराम
पतित पावन सीताराम ॥
सुंदर विग्रह मेघश्याम
गंगा तुलसी शालग्राम ॥
रघुपति राघव राजाराम
पतित पावन सीताराम ॥
भद्रगिरीश्वर सीताराम
भगत-जनप्रिय सीताराम ॥
रघुपति राघव राजाराम
पतित पावन सीताराम ॥
जानकीरमणा सीताराम
जय-जय राघव सीताराम ॥
रघुपति राघव राजाराम
पतित पावन सीताराम ॥
रघुपति राघव राजाराम
पतित पावन सीताराम ॥
Original lyrics of Raghupati Raghav in English
Raghupati Raghav Rajaram
Patit Pavan Sita Ram
Sundar Vigraha Meghshyam
Ganga Tulsi Shaligram
Raghupati Raghav Rajaram
Patit Pavan Sita Ram
Bhadragirishwar Sita Ram
Bhagat-Janapriya Sita Ram
Raghupati Raghav Rajaram
Patit Pavan Sita Ram
Janakiramana Sita Ram
Jai Jai Raghav Sita Ram
Raghupati Raghav Rajaram
Patit Pavan Sita Ram
Raghupati Raghav Rajaram
Patit Pavan Sita Ram
उपरोक्त लिरिक्स इस भजन के मूल लिरिक्स हैं। लेकिन इसमें ईश्वर-अल्लाह तेरो नाम एवं अन्य पंक्तियां जोड़कर एक नए रूप में प्रस्तुत किया गया और इसे ही प्रसिद्धि मिली। इसके बोल निम्नांकित हैं –
रघुपति राघव राजा राम
पतित पावन सीता राम
रघुपति राघव राजा राम
पतित पावन सीता राम
ईश्वर अल्लाह तेरो नाम
सबको सन्मति दे भगवान
ईश्वर अल्लाह तेरो नाम
सबको सन्मति दे भगवान
रघुपति राघव राजा राम
पतित पावन सीता राम
रघुपति राघव राजा राम
पतित पावन सीता राम
ईश्वर अल्लाह तेरो नाम
सबको सन्मति दे भगवान
ईश्वर अल्लाह तेरो नाम
सबको सन्मति दे भगवान
रघुपति राघव राजा राम
पतित पावन सीता राम
रघुपति राघव राजा राम
पतित पावन सीता राम










