Showing posts from November, 2020

मांगल गीत 'दे द्यावा बाबा जी कन्या कु दान' के बोल। | De Dyawa Baba Ji Kanya Ku Dan.

  कितनी समृद्ध है उत्तराखंड की संस्कृति, बोली-भाषा, इसका अहसास हमें तब होता है जब कोई गैर उत्तराखंडी हमारी संस्कृति, हमारी बोली-भाषा को आत...

उत्तराखण्ड के लोक देवता : गोलू और उनकी लोककथा।

  उत्तराखंड की पावन धरा को ऋग्वेद में देवभूमि कहा गया है। यह धरा ऐसी है जहाँ देवी-देवताओं का सदैव वास रहता है। मनीषियों की पूर्ण कर्मस्थली भ...

उत्तराखंड का विदाई गीत : ना रो चेली, ना रो मेरी लाल। जा चेली जा सौरास।

बेटी की विदाई का पल सदैव ही भावुक करने वाला होता है। पाल-पोश बड़ी कर बेटी को जब किसी नए घर में विदा की जाती है तो स्वतः ही हर किसी के आँखों स...

लोकगीत "झन दिया बौज्यू छाना बिलौरी, लागला बिलौरी का घाम" के बोल।

यदि आप उत्तराखण्ड से हैं तो आपने  'झन दिया बौज्यू छाना बिलौरी, लागला बिलौरी का घाम' गीत   अक्सर सुना या गुनगुनाया होगा। इस गाने में...

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