देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस को अब एक नई पहचान मिली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 31 अक्टूबर 2026 को अपने आवास स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन प्रतीक चिह्न का अनावरण किया। नए प्रतीक चिह्न को प्रदेश की गौरवशाली पहचान, राष्ट्रीय मूल्यों, पुलिस के आदर्शों और उत्तराखण्ड की विशिष्ट भौगोलिक एवं प्राकृतिक विरासत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
Uttarakhand Police New Emblem

उत्तराखण्ड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय और नदी को सम्मिलित किया गया है। इसमें समाहित प्रत्येक प्रतीक अपने आप में एक विशेष संदेश देता है। ये प्रतीक राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखण्ड की प्राकृतिक पहचान का प्रतिनिधित्व करते हैं।
क्या है उत्तराखण्ड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न की खासियत?
उत्तराखण्ड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न में सम्मिलित प्रमुख तत्वों का अपना विशेष महत्व है। आईये जानते हैं इनके बारे में –
- अशोक स्तंभ: यह भारत की राष्ट्रीय पहचान, संप्रभुता और संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक है।
- सत्यमेव जयते: यह पंक्ति हमें बोध कराती है कि सत्य की सदैव विजय होती है। यह पुलिस की सत्यनिष्ठा और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- स्वर्णिम लॉरेल रीथ (Laurel Wreath): यह सम्मान, उपलब्धि, उत्कृष्टता और गौरव का प्रतीक है।
- हिमालय: उत्तराखण्ड पुलिस के इस नवीन प्रतीक चिन्ह में हिमालय उत्तराखण्ड की पहचान और राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं भौगोलिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है।
- नदी: यह जीवन, निरंतरता और उत्तराखण्ड की समृद्ध जलधारा एवं प्राकृतिक संपदा का प्रतीक है।
नए प्रतीक चिह्न के पीछे क्या है उद्देश्य?
नए प्रतीक चिह्न का उद्देश्य केवल उत्तराखण्ड पुलिस की दृश्य पहचान को बदलना नहीं, बल्कि पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मूल आदर्शों को और अधिक मजबूती प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पुलिस के नए प्रतीक गौरव के साथ जिम्मेदारी का भी एहसास कराते हैं। इस नई पहचान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब प्रत्येक नागरिक को पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई देगी।
उत्तराखण्ड पुलिस का नया ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ भी इसी भावना को अभिव्यक्त करता है। यह कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है।
2008 के बाद बदली उत्तराखण्ड पुलिस की पहचान
उत्तराखण्ड पुलिस के ध्वज का अनावरण पहली बार 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों को देखते हुए अब पुलिस के ध्वज और गौरव चिह्नों को नया स्वरूप दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 21 अक्टूबर 2026 को नवीन गौरव चिह्नों एवं प्रतीकों के स्वरूप को अनुमोदन प्रदान किया था।
उत्तराखण्ड पुलिस का यह नया प्रतीक चिह्न राज्य की पहचान, राष्ट्रीय गौरव और पुलिस के मूल आदर्शों का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है। यह नई पहचान पुलिस बल को अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित रहने तथा जनता के विश्वास पर खरा उतरने की प्रेरणा भी देती है।














