हमारे गहने
आज आपको उत्तराखण्ड के महिलाओं के एक लोकप्रिय और खूबसूरत आभूषण से परिचय करा रहे हैं, जो यहाँ शुभता, सौभाग्य और गरिमा का प्रतीक माना जाता है।
यह आभूषण है- पौंजी, जिसे लोग पौंछी भी कहते हैं।
महिलाओं द्वारा कलाईयों में पहना जाने वाला यह आभूषण मुख्यतः सोने का होता है।
जो कुमाऊँ में ज्यादा प्रचलित है। वहीं गढ़वाल में लोग इस आभूषण को चाँदी का बनाते हैं।
सर्वप्रथम एक युवती इस आभूषण को विवाह के दिन कन्यादान के समय शकुनाखर गीतों के साथ पहनती है।
उसके बाद इसे वह महिला विभिन्न शुभ कार्यों पर पहनती है।
यदि पौंजी के इतिहास की बात करें तो यह राजस्थान के पारम्परिक गहना पाहुंची से प्रेरित है।
कहा जाता है कि मुग़ल काल में हुई परेशानियों के कारण वहां के लोगों के उत्तराखण्ड के पहाड़ों में पलायन किया।
साथ लाये तो निर्माण परम्परा और डिज़ाइन, जो उत्तराखण्ड में पौंछी के रूप में आज भी जीवित है।